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"बेलपत्र: शिव भक्ति से स्वास्थ्य तक का पवित्र,or belpatra ke fayde

  भारतीय संस्कृति में वृक्षों और पौधों को देवतुल्य स्थान प्राप्त है। उनमें भी बेलपत्र यानी बेल (Aegle marmelos) का पत्ता न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका आयुर्वेदिक और आध्यात्मिक महत्व भी अत्यधिक है। बेलपत्र त्रिदल होता है, और इसका विशेष स्थान भगवान शिव की पूजा में है। इस लेख में हम बेलपत्र के धार्मिक, औषधीय और सांस्कृतिक महत्व को विस्तार से समझेंगे। 1. बेलपत्र का धार्मिक महत्व   बेलपत्र का नाम लेते ही सबसे पहले भगवान शिव की छवि मन में उभरती है। पुराणों में वर्णित है कि जो व्यक्ति बेलपत्र से शिव की पूजा करता है, उसे कई जन्मों का पुण्य प्राप्त होता है। शिवपूजन में बेलपत्र क्यों? त्रिदल बेलपत्र त्रिदेवों – ब्रह्मा, विष्णु और महेश – का प्रतीक है। यह तीन गुणों – सत्व, रज और तम – को भी दर्शाता है। शिव को यह पत्र अर्पण करने से तीनों दोषों से मुक्ति मिलती है। बेलपत्र अर्पण की शुद्ध विधि पूजा में बेलपत्र अर्पित करते समय इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है: “त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम्। त्रिजन्मपापसंहारं बेलपत्रं शिवप्रियं॥” इसका अर्थ है – त्रिदलयुक...

कौंच के बीज खाने से सेहत को मिलते हैं ये 5 फायदे

 

कौंच के बीज खाने से सेहत को मिलते हैं ये 5 फायदे


कौंच के बीच शारीरिक कमजोरी को दूर करने में मदद करते हैं।
भारत को जड़ी-बूटियों का देश कहा जाता है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारत में कई तरह की जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हीं में से एक कौंच के बीज। कौंच के बीज के बारे में ज्यादा लोगों को पता ही नहीं है, लेकिन ये कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। कौंच के बीज पोषक तत्व महिलाओं से लेकर पुरुषों तक की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कौंच के बीज (Kaunch Beej Khane ke Fayde) से सेहत को मिलने वाले 5 फायदों के बारे में।



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कौंच के बीज के फायदे – Benefits of Kaunch Beej (Mucuna Pruriens) 

1 अच्छी नींद दिलाने में मददगार

अच्छी नींद न सिर्फ सेहतमंद शरीर के लिए जरूरी होती है बल्कि ये मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक मानी जाती है। जिन लोगों को ठीक से नींद नहीं आती है या जिन लोगों को नींद आने में परेशानी आती है उन्हें कौंच के बीज के पाउडर का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। आप कौंच के बीज के पाउडर को गुनगुने पानी और दूध के मिलाकर सेवन कर सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक अनिद्रा से राहत पाने के लिए सफेद मूसली के साथ कौंच के बीज के पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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2 पुरुषों की इनफर्टिलिटी सुधारने में मददगार

आजकल की लाइफस्टाइल में पुरुषों में नपुंसकता के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शराब, धूम्रपान और खानपान की वजह से पुरुषों के हार्मोन प्रभावित होते हैं। इन सभी चीजों के प्रभाव से शरीर को बचाने और नपुंसकता को ठीक करने के लिए पुरुषों को कौंच के बीज का सेवन करने की सलाह दी जाती है। कौंच के बीज के पोषक तत्व पुरुषों की इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं।


यदि आपको लगता है कि आप कोई ऐसी समस्या से परेसान हैं 
तो आप विजिट कर सकते हैं. 
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3 डिप्रेशन से बचाने में मददगार

कौंच में एंटी-डिप्रेसेंट गुण पाए जाते हैं। यही कारण है कि इसे डिप्रेशन से बचाने में मददगार माना जाता है। कौंच के बीज पर हुई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि इसका सेवन करने से मूड स्विंग को ठीक करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं कौंच के बीज दिमाग को एकाग्र करने में भी मदद करते हैं।

4 जोड़ों के दर्द से दिलाता है राहत

सर्दियों के मौसम में अक्सर घर के बुजुर्गों को जोड़ों के दर्द की परेशानी होती है। जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने कौंच के बीज का पाउडर काफी मददगार साबित होता है। कौंच के बीजों में मौजूद एंटी- इंफ्लेमेटरी गुण दर्द और सूजन की परेशानी को दूर करने का काम करते हैं। जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए आप कौंच के बीज का सेवन दूध में मिलाकर कर सकते हैं।


5 पार्किंसंस में फायदेमंद

कौंच के बीजों में एल-डोपा पाया जाता है जो पार्किंसंस यानी कि हाथ कांपने की बीमारी को दूर करने में फायदेमंद है। पार्किंसंस से पीड़ित मरीज गुनगुने पानी के साथ कौंच के पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
 
Disclaimer 

यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया आप अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें ,और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें.

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